भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह जिस तरह से काम कर रहे हैं उनसे कई विवाद पैदा हो गए हैं. क्या जनरल सिंह निर्भीक हो कर अपनी बात रख रहे हैं या इनसे सरकार और सेना के संबंध खराब हो रहे हैं.
पहले उन्होंने एक सेवानिवृत जनरल के ऊपर आरोप जड़ा. फिर उनकी प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी सार्वजनिक गई जिसकी जनरल सिंह ने कड़ी निंदा की.
इसके बाद उन्होंने सेना में काम कर रहे एक वरिष्ठ जनरल के खिलाफ जांच उन्होंने सीबीआई को दे दी.
इन विवादों से सेना की क्या तस्वीर उभर कर आ रही है? क्या हैं इस विषय पर आपके विचार.