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लक्ष्मी कान्त मणि
19/03/07
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13-Apr-2013 14:34
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सोशल मीडिया अब काफी मजबूत और मुखर होती जा रही है.सभी लोग अपने विचार स्वतंत्र तरीके से बाँट रहे है.अब नेताओं का चरित्र चित्रण बिकाऊ और बाजारू मीडिया ही नही करती.सोशल साइटों के माध्यम से आम लोग भी मीडिया की भूमिका मे है.देश के चुनाव मे इस बार इसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूप से काफी प्रभाव होगा.
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23-Mar-2013 14:23
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कोर्ट ने संजय दत्त के साथ काफी नरमी बरती है.अगर आम आदमी होता तो पूरा जीवन जेल मे होता.मै कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूँ.बॉलीवुड को न्याय के साथ खड़ा होना चाहिए.नाटक सिर्फ फिल्मों मे होना चाहिए.
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14-Mar-2013 12:07
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समाज और कानून का संरक्षण मिलने के कारण ही बलात्कार की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही है. हम इतना संवेदनहीन हो चुके है कि पीड़ित महिला के बजाय बलात्कारी के प्रति सहानुभूति रख रहे है. ऐसी कहकर हम बलात्कार को बढ़ावा दे रहे है. कल वो जेल से छूटकर आएगा फिर खुलेआम बलात्कार करेंगा. लोग भी बेखौंफ होगें कि कानून मानसिक रोगी समझकर हमारा खातिरदारी करेगा.
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07-Mar-2013 13:42
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राहुल जी को पता होना चाहिए कि देश का युवा अब जाग रहा है. उसे भ्रष्टाचार कौन कर रहा है और काला धन किसके पास है, दोनो पता है. शादी और कुंवारे की राजनीति पुरानी हो चुकी है. अब देश भाषण नही, काम देखना चाहता है.
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01-Mar-2013 07:35
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ये बजट कर-चोरी और कालाधन लाने जैसे मुद्दे पर खामोश है. भ्रष्टाचार पर नकेल न कसने की वजह से यह बजट मात्र नेता, नौकरशाह और पूँजीपतियों का बजट है. देश का प्रत्येक व्यक्ति प्रत्यक्ष नहीं तो अप्रत्यक्ष रूप से कर देता है, लेकिन ग़रीब और आम आदमी का हक़ हमेशा मारा जाता है. बजट से मात्र 10 प्रतिशत लोगों को फायदा होता है, बाकी अपने हिस्से की रोटी अप्रत्यक्ष कर के रूप में दे देते हैं जैसे बिक्री कर, उत्पाद कर,सेवा कर इत्यादि.
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08-Jan-2013 09:31
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मुझे लगता है कि भारतीय पुरूषवादी मानसिकता अपनी वासना और हवस पर संयम नही रख पा रही है और विचलित होकर,महिलाओं को गलत ठहराकर विवादास्पद बयान दे रही है.सामाजिक और राजनीतिक ठेकेदारों को पता होना चाहिए कि कोई महिला नही चाहती कि उसका बलत्कार हो.बलात्कार होने पर महिला और उसका परिवार अपने आप को मृतक समझता है.विकृत मानसिकता के लोग हर जगह है,वो गाँव-शहर नही देखते.पुलिस रिपोर्ट नही दर्ज करती,इसलिए उसकी रिपोर्ट को तथ्य के रूप मे नही लेना चाहिए.
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31-Dec-2012 05:20
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मुझे तो कम उम्मीद है कि कोई बड़ा बदलाव आने वाला है. बड़ी इच्छाशक्ति की कमी सभी वर्गो मे दिखाई दे रही है.
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06-Dec-2012 13:48
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अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने सही क़दम उठाया है भारतीय ओलंपिक संघ को निलंबित करके. हम खेलों मे राजनीतिक दख़ल के कारण पीछे है. ओलंपिक खेल 2012 मे भारत का 55वाँ स्थान था. कितने शर्म की बात है कि नेताओं ने दुनियाँ के सामने हमें बेज्ज़त करके रख दिया है. हमारा देश जितने क्षेत्रों मे पीछे है, उन सभी का कारण नेताओं और सरकार का दख़ल, लूट और गंदी राजनीति है. भारत में राजनीति और नौकरशाही गाली बन चुकी है. अब सत्याग्रह के अलावा कोई विकल्प ही नही है.
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01-Dec-2012 11:04
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पुलिस ने इस कानून का गलत इस्तेमाल किया और जरूरत से ज्यादा कार्रवाई की.फेसबुक पर इतने सारे आपत्तिजनक सामग्री है,अन्य लोगों के बारे वहाँ पुलिस मौन रहती है.वैसे धारा 66 ए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है.आम लोगों के लिए सोशल साइटें एक मंच है,जहाँ वे खुलकर अपनी बात रख सकते है.सरकार, नेता और नौकरशाहों को अपने मे सुधार करना चाहिए,न कि दूसरों को जेल मे डालना चाहिए.
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22-Nov-2012 11:54
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जो लोग मासूम और निर्दोष लोगों का खून बहाते है, जघंन्य अपराध करते है, उन्हें जेल मे रखकर उनकी खातिरदारी करना कहाँ का मानवाधिकार है.खुद भगवान राम और कृष्ण को रावण तथा कंस का वध करना पड़ा.दुष्टों का वध करने को मै कभी अपराध नहीं मानता.अगर अमन और शाँति लानी है तो ऐसे लोगों को जल्द से जल्द फांसी पर चढ़ाना होगा.भेड़ियों को खुला छोड़ना, पालना और पोसना मानवता नही है,वल्कि इन्हें फांसी दे देना ही मानवता है.जब मानव ही नही होगा तो काहें की मानवता.
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16-Nov-2012 13:36
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वास्तव मे राहुल गाँधी कोई करिश्माई व्यक्तित्व नही रखते. उनमें योग्यता और सही सोच की कमी है. वे पार्टी के अंदर लोकतंत्र नही लाना चाहते क्योकि इससे वो और उनका परिवार भारतीय राजनीतिज्ञ पटल से गायब हो जायेगा. वो भ्रष्टाचार और कालाधन के बारे मे हमेशा खामोश रहते है और जब देश मे कालेधन पर आंदोलन होता है तो वे इटली या स्वीटजरलैंड होते है.
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12-Nov-2012 11:00
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भारतीय मीडिया कभी निष्पक्ष रही नही. यहाँ खबरों को सनसनी बनाकर बेचा जाता है. खबरे दिखाने और न दिखाने के पैसे दिये जाते है. मीडिया के क्षेत्र मे बीबीसी जिम्मेदार दिखती है. अगर गलती हो गई तो वहाँ लोग स्वीकार करते है और मीडिया को गरिमामय बनाते है. भारतीय मीडिया को मैने आजतक गलती कबूल करते नही देखा. सरकारी चैनल सरकार के गुणगान मे लगा रहता है और प्राइवेट तो बिना पड़ताल किये कीचड़ उछालने मे लग जाते है.
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08-Nov-2012 10:31
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ओबामा के दूसरे कार्यकाल की समाप्ति तक चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगी.ओबामा बेरोजगारी, वित्तीय घाटा,विकास दर से लड़ते-लड़ते विदा हो जायेंगें.अफ़गानिस्तान अपने फटे हाल पर रो रहा होगा और अमेरिका को गाली दे रहा होगा.ईरान अमेरिका की परवाह न करते हुए अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा.इज़रायल भी खुला साँड़ होगा.अमेरिका अब पतन की तरफ है,सभी क्षेत्रों मे उसकी पकड़ ढीली होगी,लेकिन दोष शासक पर ही मड़ा जायेगा.वैसे भी ओबामा बातों मे निपुण और काम मे ढीले है.
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03-Nov-2012 11:21
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वास्तव मे गाँधी जी कांग्रेस को देश के आजादी के समय ही रद्द करना चाहते थे. नेहरू ने अपने और परिवार की राजनीतिज्ञ महत्वाकांक्षा के लिए ऐसा होने नही दिया. अब कांग्रेस की मान्यता रद्द होनी चाहिए क्योकि इसके पास लेनदेन का कोई हिसाब नही है और यह लोकतांत्रिक ना होकर एक परिवार और उसकी चापलूसी तक सीमित रह गयी है. देश जानता है कि देश की आजादी से जोड़कर कांग्रेस ने लोगो को लूटा है. अपने विदेशी बैंकों मे एकाउंटस भरे है.
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30-Oct-2012 11:33
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बड़ी प्राकृतिक आपदा के सामने कोई भी महाशक्ति नतमस्तक हो सकती है.बहादुरी इसमें है कि हमने उसका मुकाबला और भरपाई कैसे किया और भविष्य मे आगे नुकसान न हो उसके लिए क्या किया.अमरीका ने सभी आपदाओं का बहादुरी से मुकाबला किया है और पूरी दुनिया को सुरक्षा के बारे मे सिखाया है.
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