इस बहस को सहेज कर रख लिया गया है – जवाब देने की अनुमति नहीं है
कितनी सक्षम है पाकिस्तानी फ़ौज?
पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय पर हुए हमले ने वहां चरमपंथियों की बढ़ती ताक़त का नमूना तो पेश किया ही है, वहां के सुरक्षा और ख़ुफ़िया तंत्र की कमज़ोरियों को भी उजागर कर दिया है.
सवाल उठ रहे हैं कि अगर पाकिस्तान की सबसे ताक़तवर संस्था को निशाना बनाया जा सकता है तो फिर आम लोग कितने सुरक्षित है.
जो संस्था अपनी सुरक्षा नहीं कर पा रही हो क्या वो देश की सुरक्षा करने में सक्षम है?
जो देश ख़ुद चरमपंथियों के सामने बेबस दिख रहा है, वो आतंक के ख़िलाफ़ दुनिया की लड़ाई में कितना कारगर साझेदार बन सकता है.
अपनी राय वर्चुअल कीबोर्ड का इस्तेमाल करते हुए हिंदी में दें.
प्रकाशित:
10/11/09 12:35 PM GMT
टिप्पणियाँ
टिप्पणियों की संख्या:67
सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं
Added:
10/17/09 5:08 AM GMT
जो अपनी सुक्षा नहीं कर सकता वह दूसरों की कैसे कर सकता है.
asif khan mau
|
Added:
10/17/09 2:18 AM GMT
आसतीन का सांप ख़ुद को ही डंस लेता है. इस हमले से पाकिस्तान को अपने घर में होशियार रहने की ज़रूरत है.
aneesh jagdalpur
|
Added:
10/16/09 7:42 PM GMT
पाकिस्तानी नेताओ को अब तो होश में आ जाना चाहिए, कल तक वे दूसरे देश में आतंकवाद फैलाते थे अब उनके अपने ही आतंकवादी ख़ुद उन्हें मार रहे हैं. कैसा लग रहा है?
Usha Butta Oregon, USA
|
Added:
10/16/09 6:59 PM GMT
मेरे विचार में ये सिर्फ़ पाकिस्तान की बात नहीं है, पूरे क्षेत्र के लिए ये एक चुनौती है. पाकिस्तान को भारत के साथ सहयोग करना होगा औकर सबको मिल-जुल कर इस मसले का हल ढूंढ़ना होगा, नहीं तो यह महीनों की नहीं बल्कि सालों की लड़ाई हो जाएगी और हो सकता है कि पूरे क्षेत्र की शांति भंग हो जाए. अकेले पाकिस्तान सेना कुछ नहीं कर सकती.
Mohammad Tajuddin Al Ain, UAE
|
Added:
10/16/09 1:32 PM GMT
पाकिस्तानी फ़ौज अकेले ये नहीं कर सकती है.
sushil lal curacao
|
Added:
10/16/09 7:56 AM GMT
ये आंतरिक सुरक्षा का मामला नहीं है ये सरकार पर जनता के विश्वास का सवाल है. ये आतंकवादियों को दूसरों को नष्ट करने के लिए सहयोग देने का नतीजा है. हम इंसान होने के तौर पर प्राकृतिक आपदा से लड़ने में सक्षम नहीं हैं लेकिन हम आपस में लड़कर अपने आप को तबाह करने में क्यों लगे हुए हैं. पाकिस्तान को देश के विकास के प्रति सोचना शुरू कर देना चाहिए.
Mukul Singapore
|
Added:
10/16/09 4:29 AM GMT
पाकिस्तानी सेना के संबंध में स्पष्ट तौर पर ये कहा जा सकता है कि वह एक सक्षम सेना है लेकिन ये भी कहना ग़लत नहीं है कि उसका उद्देश्य स्पष्ट तौर पर मुखापेक्षी प्रतीत होता है.
pankaj kumar lucknow
|
Added:
10/16/09 1:05 AM GMT
पाकिस्तान के नेताओं को देश की फ़िक्र नहीं है. अमरीका से पैसा मिलता रहे चाहे देश में कुछ भी होता रहे. ये देश बहुत ही जल्द दुनिया के नक़्शे से मिट जाएगा या उसके और टुकड़े हो जाएंगे.
Bansi Butta Oregon, USA
|
Added:
10/15/09 2:24 PM GMT
ये भारत और पाकिस्तान के एक हो जाने के लिए बेहतरीन समय है जैसे पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी एक हो गए. इस प्रकार दोनों ओर की जनता प्रमाणु ख़तरे से बच जाएगी. पाकिस्तान के प्रमाणु हैथियार कहीं आतंकवादियों के हाथ न लग जाएं इसलिए ज़रा सोचें और इससे ये भी तो होगा कि हम एशिया के सबसे शक्तिशाली देश बन जाएंगे. भारत और पाकिस्तान के विभाजन से सिर्फ़ राजनीतिक पार्टियों को ही लाभ हुआ है और लोगों ने अपना सब कुछ गंवा दिया है.
AZIZ RAIPUR
|
Added:
10/15/09 2:24 PM GMT
भारत और पाकिस्तान को एक होने का यह अनुकूल समय है जैसा कि पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी का हुआ. इससे भावी परमाणु युद्द से हम बच जाएँगे. साथ ही हम एक सुपर पावर होकर उभरेंगे. जब अंग्रेजों का राज था तभी हम अच्छे थे...
AZIZ RAIPUR
|
Added:
10/15/09 1:30 PM GMT
यार क्यों हम एक दूसरे को निचा दिखाने मे लगे हैं? अगर हमारा पङोसी बुरा कर रहा है तो हम क्यो उस पर हंसे या बदला लें? शायद पाकिस्तान को ये पता नही की पङोस की आग खुद का घर भी जला सकती है पर हमे तो मालुम है ये, तो क्यों नही हम अपने पूरे जोश से अपने चचेरे भाई ( पाकिस्तान) के घर की आग को बुझाने मे मदद करे? ये आग पाकिस्तान ने शुरू की जिससे पहले काश्मीर फिर अफगानिस्तान और अब खुद पाकिस्तान जल रहा है। हम भारतीयों को पाकिस्तान से हमदर्दी और मदद करनी चाहिए ताकि उसकी भूल से हम ना जलें। मानवता बढाऐ बैर घटाऐ।
Mukesh Sakarwal Liverpool
|
Added:
10/15/09 11:34 AM GMT
पाकिस्तान आंतकवाद को ख़त्म नहीं कर सकता क्योंकि उसी ने इसे जन्म दिया है. आंतकवाद को ख़त्म करना उसके बस की बात नहीं है.
durga kuwait
|
Added:
10/15/09 9:29 AM GMT
किसी आंतकवादी संगठन की इतनी औकात नहीं कि किसी देश को चुनौती दे. लेकिन वहाँ आतंकवाद तो सेना की ही उपज है, सोच है. फिर सेना कैसे आतंकवाद का समूल अंत चाहेगी. पाकिस्तान को अब ऊपर वाला ही बचाएगा.
Deokant Gupta Delhi
|
Added:
10/15/09 6:43 AM GMT
पाकिस्तान की हालत के लिए वो खुद जिम्मेदार है.
Rakesh Kumar Patyal Dehradun
|
Added:
10/15/09 6:31 AM GMT
यह सही है कि चरमपंथियों ने पाकिस्तान के सेना मुख्यालय पर धावा बोल कर अपनी ताक़त का एहसास दिलाने की कोशिश की है लेकिन इसे किसी राष्ट्र विशेष की सैन्य विफलता मानना ग़लत होगा. किसी राष्ट्र की ताक़त को उसकी सैन्य ताक़त से आंकना भी बेमानी है.
AFAQ AHMAD Aligarh
|
|
|