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आपकी नज़रों में क्या है इंदिरा गांधी की छवि...?
बीबीसी इंडिया बोल के पाठकों और श्रोताओं का एकबार फिर स्वागत है. इसबार चर्चा का विषय भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर केंद्रित है.
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी की मृत्यु को इस वर्ष 31 अक्टूबर को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं. देश की तीन बार प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व कभी कुशल प्रशासक, कभी तानाशाह, कभी निरंकुश, कभी मज़बूत कूटनीतिक के रूप में बोला-बतलाया जाता रहा है. (बीबीसी हिंदी डॉट कॉम पर तीन अलग अलग दृष्टिकोणों से उनके व्यक्तित्व की चर्चा करनेवाले आलेख लगे हुए हैं.)
तो चलिए इतिहास में बैकों के राष्ट्रीयकरण, गरीबी हटाओ के नारे, पोखरण के पहले परमाणु परीक्षण, कांग्रेस का पुनर्गठन, आपातकाल, ब्लू स्टार और फिर 1984 के सिख विरोधी दंगों वाले चित्रों-बिंबों के गलियारों से गुज़रते हुए चर्चा इंदिरा गांधी की छवि की करते हैं.
इस बार चर्चा का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आपके मन में क्या छवि है. आप उन्हें कैसे याद करते हैं. किन बातों को आप अच्छा और किन्हें कड़वा मानते हैं.
अपनी राय और प्रतिक्रिया हमें लिख भेजें.
ऑनलाइन पर यह बहस अब आपके बीच है. अगली कड़ी में यानी तीन नवंबर, मंगलवार, भारतीय समयानुसार रात आठ बजे हम आपके बीच फिर होंगे रेडियो की इस विशेष प्रस्तुति के साथ.
रेडियो कार्यक्रम में शामिल होने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-11-7000 पर फोन करके कार्यक्रम में लाइव शामिल हों. भारत के बाहर से जो लोग शामिल होना चाहते हैं, वे हमें hindi.letters@bbc.co.uk पर संपर्क करें. आप टोल फ्री पर पहले से भी अपना संदेश रिकॉर्ड करा सकते हैं. इन्हें कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा. ऑनलाइन की प्रतिक्रियाएं भी होंगी रेडियो कार्यक्रम का हिस्सा.
तो इंतज़ार किस बात का. बोल, बीबीसी इंडिया बोल.
प्रकाशित:
10/29/09 12:24 PM GMT
टिप्पणियाँ
टिप्पणियों की संख्या:160
सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं
Added:
11/3/09 3:07 PM GMT
इसमें कोई शक नही है कि वो एक महान नेता थी और उन्होंने जो किया, आपाताकल की घोषणा को छोड़कर, देश के अच्छे के लिए ही किया. भारत को आज भी उन जैसे महान नेता की ज़रूरत है. उनकी हत्या देश के लिए एक बड़ा नुक़सान था.
Govind kumar tripathi Delhi
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Added:
11/3/09 2:54 PM GMT
मेरे ख़्याल से वो एक अच्छी शासक थी. पर कुछ समय के लिए उन्होंने हिटलर जैसे काम किया.
CHANDAN PANDEY INDIAN AIR FORCE BANGALORE
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Added:
11/3/09 1:57 PM GMT
इंदिरा गाँधी न सिर्फ़ एक बड़ी नेता थी बल्कि वो एक बेहतरीन प्रधानमंत्री थीं जैसा देश आज तक पैदा नहीं कर सका.वो भारत को अपनी जान से अधिक प्यार करती थी. और मरते दम तक उन्होंने उसे साबति कर दिया.
saurabh srivastava varanasi
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Added:
11/3/09 12:58 PM GMT
मेरे नज़र मै इंदिरा गाँधी एक दूरदर्शी महिला थी. ग़रीबी उन्मूलन कार्येक्रम जैसे कार्यें के लिए वो सदा याद की जाएँगी. अगर हम इंदिरा के लिए कोई सूत्र बनाते तो वो होता. इंदिरा गाँधी- एक कुशल प्रशासक -ऑपरेशन ब्लू स्टार -आपातकाल.
ravi kumar jha delhi
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11/3/09 11:34 AM GMT
एक मजबूर राजनेता, जिन्होंने देश के बाहर और भीरतर अपने विरोधियों से सख़्ती से निपटा. पर दुर्भाग्यवश उनके निपटने का तरीक़ा तानाशाही का तरीक़ा था, इसलिए उन्होंने अपने जीवनकाल में 1975 और 1984 में दमन के दो बड़े दाग़ दे दिए.
sunil taneja delhi
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Added:
11/3/09 10:59 AM GMT
इंदिरा गाँधी भातीय महिला की पहचान थीं. वो एक ऐसी हस्ती थीं जो बिरले ही धरती पर पैदा होती है, साथ ही उनकी तुलना करना या कोई उपमा देना संभव नहीं है. उन्होंने भारत को एक नई पहचान दी और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्व से खड़े होने के लायक़ बनया. लेकिन वो पूरी तरह से ग़लत नहीं थी. जैसा की आजकल का माहौल है.
divya varanasi
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Added:
11/3/09 10:32 AM GMT
मेरे विचार में उनका सबसे बेहतरीन काम बांगलादेश को आज़ाद करना था. वो एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी.
K.C.Panchal Birlagram Nagda-M.P.
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11/3/09 9:13 AM GMT
इंदिरा गाँधी आज़ाद भारत की एक महान नेता थीं. उन्होंने एक मज़बूत देश के निर्माण में अहम रोल अदा किया है. उनके कुछ फ़ैसले काफ़ी अच्छे थे और ग़लत भी हुए लेकिन उनके सारे फ़ैसले देश की भलाई के लिए थे. इसलिए वो हमेशा मेरे दिल में होती हैं.
Madan Kumar Singh Lyon, France
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Added:
11/3/09 6:53 AM GMT
इंदिरा गाँधी कुलमिलाकर एक अच्छी प्रधानमंत्री थी. लेकिन कुछ समय उनका व्यवहार काफ़ी रुढ़ था. ख़ासकर आपातकाल के दिनों में उनकी शासन की शैली सही नहीं थी.
munnababu vishakhapatnam
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Added:
11/3/09 5:34 AM GMT
मेरी नज़र में इंदिरा गाँधी बहुत अच्छी शासक थी लेकिन उनकी सबसे बड़ी ग़लती पाकिस्तान के टुकरे करके बांगलादेश बनवा देना था.
md faiyaz alam koilwar(Ara)
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Added:
11/3/09 4:26 AM GMT
लोकतांत्रिक पदों पर बैठा कोई व्यक्ति जब अपनी अपार महत्वाकांक्षाओं की पूर्ती के लिए अहंभाव से ग्रस्त होकर अपने आपको भगवान मानने लगता है तभी से उसका पतन होना शुरू हो जाता है. 1975 की आपातकाल घोषणा और लोकतंत्र का दमन था जिसे जनता ने नापसन्द भी किया था.
देवव्रत चौहान New Delhi
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11/3/09 4:13 AM GMT
कोकन रेलवे प्रोजेक्ट को 1977 में शुरु किया गया लेकिन इंदिरा के सत्ता में आन पर काम को रोक दिया गया. यह काम तभी पूरा हुआ जब कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई. इंदिरा जी ने सत्ता का दुरुपयोग किया.
surendra phadake mumbai
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Added:
11/2/09 9:18 PM GMT
मेरी नज़र मे इंदिरा गाँधी की छवि एक विवादस्पद प्रधानमंत्री के रूप में जरुर है, लेकिन उनके द्वारा लिए जानेवाले जल्द और ठोस निर्णय का मैं प्रशंसक हूँ. उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय जगत मे भारत की पहचान एक आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और गरिमामयी राष्ट्र के रूप मे बनाया एक और खूबी उनकी थी उन्होंने जो कुछ भी किया डंके की चोट पर किया चाहे आपातकाल की घोषणा हो, विरोधियों का दमन हो या न्यायालय से सीधे टकराव का रास्ता. यही कारण है कि उनके पंद्रह सालो के शासनकाल में कभी भी उन पर भ्रष्टाचार का आरोप नही लगा.
सुनील कुमार गुप्ता जम्मू
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11/2/09 8:09 PM GMT
मैं समझता हूँ कि इंदिरा जी एक बेहतरीन नेता थी.
faisalhamad Dubai
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