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हाफिज सईद पर इनाम गीदड़ भभकी है?
क्या अमरीका की मंशा सचमुच हाफिज सईद को पकड़वाने की है या उनपर इनाम की घोषणा महज गीदड़ भभकी है ? अमरीका ने पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तय्यबा के संस्थापक हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को पकड़वाने के लिए एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर दिया है. इस घोषणा को चुनौती देते हुए हाफिज सईद ने कहा कि वे कोई पहाड़ो में छुपे नहीं है, रावलपिंडी में है. क्या हाफिज सईद को पाकिस्तान में पकड़ा जा सकता है..
पाकिस्तान हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से कतराता रहा है और ठोस प्रमाण की मांग करता रहा है. ऐसे में क्या आपको लगता है कि अमरीका सचमुच कोई ठोस क़दम उठाएगा ? कहीं इस क़दम से वहाँ के अमरीका विरोधी माहौल में हाफ़िज़ सईद का क़द और ऊँचा तो नहीं हो जाएगा? अपनी राय बीबीसी हिंदी डॉट कॉम पर लिख भेजिए..
प्रकाशित:
4/5/12 8:05 AM GMT
टिप्पणियाँ
टिप्पणियों की संख्या:48
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4/9/12 6:42 AM GMT
सच यह है कि अमरीका अपने खिलाफ बोलने वालों और उनकी छिपी हुई नीतियों को उजागर करने वालों का मुँह बंद करना चाहती है. हाफ़िज सईद जब अमरीका के खिलाफ ज़्यादा बोलने लगे तब अमरीका ने यह इनाम रखा. अगर यह मामला मुंबई का था तो यह इनाम अमरीका ने पहले घोषित क्यों नही किया?
मोहम्मद खुर्शीद आलम, औरंगाबाद,... KHURSHID, AURANGABAD, BIHAR
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4/9/12 5:34 AM GMT
एक सवाल है: क्या अमेरिका ने ठेका ले रखा है इस धरती से आतंकवाद मिटाने का? हम भारतीय एक तरफ़ तो अमेरिका पर दादागिरी का इलजाम लगाते हैं और दूसरी तरफ़ यह उम्मीद करते हैं कि वह हमारे यहां हो रही घटनाओं में संलिप्त आतंकियों को सजा दे. अवश्य ही अमेरिका के लिए हाफ़िज़ सईद वांछित है, लेकिन इसके लिए उसके अपने कारण हैं, भारत को उपकृत करने के लिए नहीं. भारत को अपनी लड़ाई अपने बल पर लड़्नी चाहिए. पर ऐसा कर सकने वाला नेतृत्व है कहां? प्रधानमंत्री, जिनमें नेतृत्व क्षमता ही नहीं?
योगेन्द्र जोशी वाराणसी भारत
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4/9/12 5:23 AM GMT
पाकिस्तानी राष्ट्रपति के भारत दौरे के ठीक पहले इस तरह का कदम दर्शाता है कि अमरीका कैसा संबंध बनने देना चाहता है. आप इंतजार कीजिए उस समाचार का जब कोई खोजी पत्रकार यह समाचार देगा कि लादेन को वास्तव में अपहरण करके अमेरिका ले जाया गया है,और मारकर समुद्र में दफनाना केवल अफवाह थी.
dkmahto ranchi
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4/9/12 5:20 AM GMT
याद करें जब अमरीका ने लादेन पर यूँ ही इनाम की घोषणा की थी. उस वक्त भी पाकिस्तान मे खूब हायतौबा हुई थी. लेकिन परिणाम सब जानते हैं. रही बात भारत की तो ये बात सभी जानते हैं कि अमरीका सिर्फ़ अपने हित मे सोचता है. आज हाफ़िज से भारत को जितना डर नहीं उससे ज्यादा डर अमरीका को है. कारण, वो लादेन का उत्तराधिकारी हो सकता है या यूँ कहें कि लादेन की सोच को अंजाम तक अगर कोई पहुँचा सकता है तो वो सिर्फ हाफिज है. अमरीका ने बंदूक की नोक को अपनी ओर देखकर ये कदम उठाया है.
pankaj kumar srivastava chhapra
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4/8/12 5:58 PM GMT
हाफ़िज़ सईद को जिन्दा या मुर्दा पकड़ने के लिए इनाम रखा गया है. जब अमरीका को चप्पे-चप्पे का इल्म है तो फिर इसकी जरूरत क्यों? ये सभी चालें दिखाने की हैं, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं. मुमकिन है कि ये अल कायदा की घटती लोकप्रियता को फिर से बढ़ावा देने की कोशिश हो.
GHULAM SARWAR ALAIN,ABUDHABI संयुक्त अरब अमीरात
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4/8/12 1:45 PM GMT
इनाम से अमरीका विरोधी लहर ज्यादा भड़केगी.
mohd rafi alwar
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4/8/12 12:33 PM GMT
भारत को इसमें खुश होनेवाली कोई बात नहीं है. अमरीका अपनी पकड़ बनाना चाहता है एशिया में और ये उसी का परिणाम है. वो चाहे तो पकड़ सकता है उसे. सबको पता है कि वो पाकिस्तान में है. खुलेआम घूम रहा है, फिर ये नौटंकी क्यों? भविष्य में भारत की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान और चीन के खिलाफ करने की रणनीति हो सकती है. उसे अभी से पाकिस्तान की एटमी ताकत चिन्ता में डाले हुए है कि कहीं वो तालिबान के हाथ ना लग जाए.
BHIM KHATIWADA hawaipur,karbianglong,Assam
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4/8/12 12:03 PM GMT
ये अमरीका की चाल है. वो भारत को खुश कर रहा है, इसका मतलब वो भारत से कुछ काम निकालना चाहता है. और उधर पाकिस्तान पर दबाव डालकर नेटो की सप्लाइ लाइन फिर से खुलवाना चाह रहा है. वरना जो खुद सबके सामने मौजूद है उसके लिए कौन बेवकूफ़ इनाम रखेगा.
Quazi Junaid Sohar,Sultanate of Oman
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4/8/12 11:05 AM GMT
अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार-विकास के नवाचारों की दिशा में एक नया राजनैतिक सोपान है जिनकी सफलताएँ कभी संदिग्ध नहीं होतीं. काम हुआ है तो परिणाम सुनिश्चित है.
जतीश कोटा
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4/8/12 6:31 AM GMT
खूँखार आंतकवादी हाफिज सईद पर अमरीकी इनाम की घोषणा महा गीदड़भभकी है. हम जैसे महा बेवकूफ भारतीयोँ को खुश होने और महान भारतीय सरकार को निठल्ले रहने का असली मौका देनेवाला है. जो अंधों को भी दिखाई पड़ता है वो लाखों आँखवाले अमरीका को दिखाई नहीं पड़ता है?
MAHESH KUMAR MANDAL MADHUBANI-BIHAR
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4/7/12 10:07 PM GMT
मैं नेपाली हूँ और मैं पाकिस्तान में चार साल पढ़ा हूँ और हफीज सईद से मिला हूँ. वो अच्छे आदमी हैं. भारत के खिलाफ जरूर बोलते हैं लेकिन अमरीका ने उनके खिलाफ इनाम रख उनको और बड़ा बना दिया है. दरअसल अमरीका उन्हें पकड़ना नहीं चाहता बल्कि भारत को खुश करके कुछ सौदा करना चाहता होगा, या ओसामा की तरह उन्हें हीरो बनाकर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ना चाहता है.
abdullatif nepali doha qatar doha qatar
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4/7/12 6:27 PM GMT
इसे गीदड़भभकी भी नहीं सिर्फ़ मज़ाक कहा जाएगा.
jay prakash gupta Laheji, siwan, Bihar
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4/7/12 1:42 PM GMT
कदापि नहीं. अगर एक बार भारत कहता तो मैं इसे मान लेता. लादेन, गद्दाफ़ी और सद्दाम को भी यही भ्रम था.
R P Pandey Varanasi
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4/7/12 10:25 AM GMT
जो खुलेआम घूम रहा है उसपर इनाम, ये शायद मूर्खता की चरम कहा जाएगा. मगर अमरीका ऐसा कर रहा है तो जरूर ये राजनीतिक चाल है. हमारी समझ से यदि पाकिस्तान ने सईद के बारे में समाचार नहीं दिया या अशांति ना किया तो यही बहाना कर अमरीका भविष्य में पाकिस्तान पर हमले की योजना बनाएगा. अमरीका, भारत और चीन के पास सैनिक अड्डा बनाना चाहता है. साथ ही वो नहीं चाहता कि भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच संबंध मधुर हों.
S K PANDEY ALLAHABAD UP
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4/7/12 6:53 AM GMT
अमरीका पूरी दुनिया को बेवकूफ बना रहा है. एक तरफ भारत को दूसरी तरफ पाकिस्तान को. इनाम सिर्फ इसलिए रखा है की अभी अमरीका में चुनाव होने वाला हैं. मुंबई पर हमलों के इतने दिनों बाद अब घोषणा क्यों?
Haider Lucknow
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