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ओसामा के बाद की दुनिया

पिछले वर्ष दो मई को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अमरीका के विशेष कमांडो सैनिकों ने अल कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार दिया था.

अमरीका के वांछितों की सूची में ओसामा बिन लादेन का नाम शीर्ष पर था.

अमरीका का आरोप रहा है कि ओसामा बिन लादेन अमरीका में 9/11 के हमलों के लिए जिम्मेदार थे और इसके अलावा दुनिया भर की बहुत सी चरमपंथी गतिविधियों में उनका संगठन अल कायदा अहम भूमिका निभाता रहा है.

ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के एक वर्ष बाद क्या आपको लगता है कि दुनिया में चरमपंथ का खतरा कम हुआ है और दुनिया कुछ अधिक सुरक्षित हुई है?

क्या ओसामा बिन लादेन की अनुपस्थिति में अल कायदा की ताकत घटी है और उसकी गतिविधियाँ सीमित हुई हैं?

या फिर ये सिर्फ अमरीका का खड़ा किया हुआ हौव्वा था और चरमपंथ के संगठित अपराध को एक ओसामा बिन लादेन के होने न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता?

इस बार बीबीसी हिंदी के विशेष कार्यक्रम इंडिया बोल में 'ओसामा के एक साल बाद की दुनिया'. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हमें कॉल करें इन नंबरों पर- 180011700, 18001027001.

प्रकाशित: 4/28/12 4:57 PM GMT

टिप्पणियाँ

टिप्पणियों की संख्या:50

सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं

Added: 5/6/12 3:01 PM GMT

क्या कभी घमंडी अमरीका बदलेगा. दुनिया जानती है कि ओसामा को अमरीका ने ही खड़ा किया था. आज दुनिया में जो चरमपंथी हैं उसकी जिम्मेदार अमरीका की दोहरी नीतियां हैं. एक तरफ वो इस्राइल का समर्थन करता है और दूसरी तरफ फलस्तीनियों को चरमपंथी कहता है.फलस्तीनियों की जमीन पर इस्राइल ने जबर्दस्ती कब्जा कर रखा है और आए दिन उसके टैंक फलस्तीनि इलाकों में घुसकर गोलाबारी करते हैं लेकिन दुनिया चुप है. कोई कुछ नहीं बोलता क्योंकि वो गरीब और कमजोर मुल्क है. अमरीका ये मानता है कि दुनिया उसकी ही नज़र से देखती है.

raza husain lucknow

Added: 5/6/12 7:31 AM GMT

दो विश्वयुद्धों के बाद भी लोगों ने सबक नहीं लिया. लालची लोग, समूह, देश और देशों के गठबंधन भूल गए हैं कि दुर्व्यवहार एक दिन विद्रोह को जन्म देता है. आज तो यही भ्रम है कि किसे चरमपंथी कहा जाए? सबके पास अपने को सही साबित करने के लिए अपना माध्यम है. जब तक अन्याय रहेगा, बागी भी रहेंगे.

Ujjwal India

Added: 5/5/12 3:45 PM GMT

मैं पिछले 30 वर्षों से बीबीसी का नियमित श्रोता हूँ, ये मेरी पहली टिप्पणी है. मैंने बीबीसी इंडिया बोल में लादेन के बाद के दौर में चरमपंथ की अवस्था पर बहस को सुना.मैं समझता हूँ चरमपंथी गतिविधियों का किसी व्यक्ति विशेष से कोई लेना-देना नहीं है. चरमपंथ और आतंकवाद का संबंध सोच और मानसिकता है. इसलिए चरमपंथ एक व्यक्ति के मरने से खत्म होने या कम होने नहीं जा रहा.

Ramkrishna Hambarde Lonikand

Added: 5/5/12 11:42 AM GMT

ये तो कहना बड़ा मुश्किल है कि लादेने के मरने के बाद दुनिया अधिक सुरक्षित हुई है. लेकिन इतना निश्चित है कि लादेन की मौत के बाद कोई दूसरा लादेन नहीं पैदा हुआ.

R.P.Pandey Varanasi U P

Added: 5/4/12 9:38 PM GMT

एक सद्दाम, एक ओसामा के खत्म होने से आतंकवाद खत्म नहीं हो जाता क्योंकि जब तक पाकिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान आदि देश रहेंगे तब तक ये दुनिया में शांति नहीं रहेगी.

dawadorje hyolmo aragon,spain

Added: 5/4/12 8:21 PM GMT

ये अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा की योजना है. अपनी रोटी सेंकने की. अल कायदा दुनिया में अभी भी सक्रिय है.

Abu Bakar Patna

Added: 5/4/12 12:36 PM GMT

सवाल किसी व्यक्ति या संगठन के खत्म होने का नहीं, जब तक इंसान की सोच नहीं बदलेगी, कुछ संभव नहीं है.

Amrendra sharma Bettiah

Added: 5/4/12 10:33 AM GMT

मै नहीं समझता हूँ कि ओसामा के मरने के बाद ये दुनिया ज्यादा सुरक्षित हो गई है. तब तक जब तक कि पश्चिम के देश अपना दोहरा आचरण बंद नही करते, एक तरफ आप लोकतंत्र की बात करते है और जब हमास को लोग चुन कर लाते है तो आप उसे मान्यता नही देते हैऔर उसे उखाड़ फेंकने के लिए हर हरबे का इस्तेमाल करते हैं, दूसरी तरफ आप सउदी अरब के तानाशाह और मानवाधिकार का हनन करने वाली सत्ता का साथ देते है, जब तक ये दोहरे मापदंड जारी रहेंगे, और औसामा पैदा होंगे, दुनिया कभी सुरक्षित नही हो पाएगी. ओसामा को आपने ही सींचा.

Aman kumar choudhary New Delhi भारत

Added: 5/4/12 9:02 AM GMT

ओसामा आतंकवादी नहीं थे उन्हें ऐसा होने के लिए अमरीका ने मजबूर कर दिया था.

अलताफ मुसताक खाँ रियाद, सऊदी अरब

Added: 5/4/12 7:30 AM GMT

अमरीका महान देश है. उसने ओसामा को खत्म कर दिया और वो कहता है कि वो सारी दुनिया में अपने दुश्मनों को ऐसे ही खत्म करेगा. भारत को भी अमरीका की तरह सोचना चाहिए और इसे महान बनाना चाहिए.

Rambhool Sigh Haryanavi ch. dadri n agra

Added: 5/4/12 3:54 AM GMT

जब तक समाज में वैचारिक मतभेद रहेंगे तब तक चरमपंथ रहेगा ओसामा ने चरमपंथ की तीव्रता को बडाया, कुछ समय के लिये अमेरिका ने तीव्रता को कम करने में सफलता जरूर हासिल की है, लेकिन कब तक यह यक्षप्रश्न अमरीका के सामने भी है.

kranti joshi Almora भारत

Added: 5/4/12 2:27 AM GMT

ओसामा बिन लादेन का मारा जाना साजिश और संयोग का सम्मिश्रण था. ठीक उसी तरह जिस तरह उसकी उत्पत्ति और उसका उपयोग.अमरीका--पाकिस्तान जैसे देशों ने ओसामा का उपयोग उसे जिन्दा रहते भी किया और अब उसे दफनाने के बाद भी.ओसामा के मारे जाने से निश्चित रूप से अल कायदा की ताकत घटी है परन्तु यह कहना मुश्किल है कि लादेन की अनुपस्थिति में दुनिया में चरमपंथ का खतरा कम हुआ है.

शशि भूषण सिंह, सिताब दियारा, स... सिताब दियारा, सारण, बिहार

Added: 5/3/12 1:56 PM GMT

ये दुनिया ना पहले सुरक्षित थी ना अब. कभी पीएलओ, कभी तमिल टाइगर, कभी लश्कर, तो कभी अबू सय्याफ़. इन जैसी तंज़ीमें बनती रहेंगी और बेगुनाह लोग मारे जाते रहेंगे. कभी अमरीका, कभी स्थानीय सियासत, तो कभी इस्लाम के नाम पर.

javed sheikh jhansvi dubai

Added: 5/3/12 1:34 PM GMT

ओसामा अमरीका का बनाया हुआ भूत था जिसे खुद अमरीका ने मार दिया लेकिन अब उनका क्या किया जाए जो अमरीकी नीतियों का शिकार होकर ओसामा बन जाते हैं. जो हाल ओसामा के पहले का था वही हाल आज भी है. आज जरूरत है सोच को बदलने की ना कि इंसान को खत्म किया जाए. जानना ये चाहिए कि इंसान बंदूक लेकर एक-दूसरे के खून के प्यासे क्यों बन रहे हैं.

urfi rizvi lucknow भारत

Added: 5/3/12 12:40 PM GMT

go to hell.....

mahammad talha khamgaon

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