505 10 10 74 बीबीसी हिन्दी, सुनिए मोबाइल पर
इस बहस को सहेज कर रख लिया गया है – जवाब देने की अनुमति नहीं है

सोनिया का क़द घटा या बढ़ा ?

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भारतीय राजनीति के सर्वशक्तिमान शख़्सियत के रूप में देखा जाता रहा है.

कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन की चेयरपर्सन होने के नाते कम से कम गठबंधन के लिए तो वे निर्विवाद नेता रही हैं.

लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिस तरह से राष्ट्रपति पद के लिए सोनिया गांधी की ओर से सुझाए गए नामों को खारिज किया और अपनी ओर से नामों की घोषणा कर दी उससे काँग्रेस के साथ साथ सोनिया और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की खासी किरकिरी हुई.

इससे पहले भी ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन और उसकी सरकार के फैसलों को बदलवाने के लिए कई बार दबाव बनाया है.

चाहे वो रिटेल क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का मामला हो या रेल बजट में यात्री किराए में बढ़ोतरी का मामला, ममता ने अपनी दबाव की राजनीति से सोनिया गांधी के वर्चस्व को कई बार ललकारा.

राष्ट्रपति चुनाव के मामले में भी ऐसा लग रहा था कि ममता, सोनिया पर कहीं भारी न पड़ जाएं.
लेकिन शुक्रवार को सोनिया ने गठबंधन की मजबूरियों के बावजूद ममता की इच्छा के विरुद्ध प्रणब मुखर्जी को यूपीए की तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया.

तो क्या राष्ट्रपति चुनावों के इन पैंतरों से सोनिया गांधी का राजनीतिक वजन कम हुआ है या बढ़ा है?

प्रकाशित: 6/14/12 11:27 AM GMT

टिप्पणियाँ

टिप्पणियों की संख्या:55

सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं

Added: 6/20/12 11:44 AM GMT

सोनिया और मजबूत हो गई हैं.

Aftab Shah Jeddah

Added: 6/20/12 7:05 AM GMT

बात देश का कद बढ़ने की होनी चाहिए.जर्मनी ने ब्लैकमनी जमा करने वाले 1400 लोगों के सूची की सीडी सरकार को दी है,जिसमे माना जा रहा है कि सभी पार्टी के दिग्गज लोग सामिल है.प्रणव जी ने किसी का नाम सार्वजनिक नही किया है,और लगभग तय है कि वे राष्ट्पति बनने वाले है.उन्हें एक रणनीति के तहत देश का राष्टपति बनाया जा रहा है.अब ब्लैकमनी को लाना और मुश्किल होगा और यही देश का दुर्भाग्य बन जायेगा.

लक्ष्मी कान्त मणि साँड़ी कलां, सिद्धार्थनगर, यूपी, भारत

Added: 6/20/12 6:28 AM GMT

सोनिया जी का कद बढ़ा ही कब था.

RAKESH SIWAN

Added: 6/20/12 3:54 AM GMT

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को भारतीय राजनीति के सर्वशक्तिमान शख़्सियत के रूप में मान लेना चंद मीडिया और चापलूस कांग्रेसियों की सोच हो सकती पूरे भारत और भारतीयों की नहीं.पूरा देश इस सच से इंकार नहीं कर सकता कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी देश सेअधिक सोनियाजी से है.ममता कि आड में प्रणब दा को किनारा करने करने का तरीका भर है.

Pankaj kumar srivastava VILL+PO=NANDPUR PS=MANJHI SARAN भारत

Added: 6/19/12 11:33 PM GMT

संगठन के लिये तो साख वही है जो पहले थी. देश में आम कार्यकर्ता और वोटर के बीच भी व्यक्तिगत साख पर कोई फर्क नहीं लगता. बाकी स्थिति हाल के चुनाव परिणामों से समझनी चाहिये.

जतीश कोटा

Added: 6/19/12 12:10 PM GMT

सोनिया का कद बढ़ा लेकिन राष्ट्रपति का कद घटा.

ANAND MISHRA KATNI

Added: 6/19/12 10:11 AM GMT

कद बढा है.

Vijay Debnath Silchar

Added: 6/19/12 10:05 AM GMT

ममता बनर्जी को सोनिया गांधी से पंगा लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. सोनिया गाधी को हराने के लिए बीजेपी ने जिस तरह सुषमा स्वराज को मैदान में उतारा था और बुरी तरह हार मिली थी, उसी तरह ममता बनर्जी को चाहिए कि कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गाधी से राजनीतिक रिश्ते नहीं बिगाड़ें. जहां तक कद की बात है ममता बनर्जी को सोनिया गांधी की बराबरी नहीं करनी चाहिए। सोनिया गांधी ऊंची हस्ती है. वह एसे पार्टी की लीडर है जहां एक व्यक्ति का सम्मान किया जाता है.

Guddu New Delhi

Added: 6/19/12 9:09 AM GMT

इसमें कोई शक नहीं कि कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी भारतीय राजनीति की सर्वशक्तिमान शख़्सियत हैं, इन्होंने कभी भी हठधर्मी की नीति नहीं अपनाई, जहां तक ममता बनर्जी का प्रश्न है वह हमेशा ही निगेटिव राजनीति करती हैं और बंगाल के लोगों को बेवकुफ़ बनाए रखने की पॉलिसी पर अग्रसर है जिससे बंगाल के लोगों का भला नहीं होगा और बंगाल बहुत पीछे चला जाएगा. जहां तक सोनिया गांधी के कद का सवाल है ममता की इच्छा के विरुद्ध प्रणब मुखर्जी को यूपीए की तरफ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करने के बाद वज़न काफी बढ़ा है.

Md Zaki Iqbal New Delhi

Added: 6/19/12 3:25 AM GMT

ममता दीदी को अपनी हर बात मनवाने की आदत पड़ गई थी. एक-दो बार यूपीए नेतृत्व ने उनकी बात क्या मान ली वो सिर पर सवार हो गईं. ऐसी ही सोच के आधार पर उन्होंने एक बार फिर दबाव बनाया लेकिन इस बार दाल नहीं गली. अब नाराज़ होकर बंगाल में जा बैठी हैं. सोनिया जी का सिर तो ऊंचा हो ही गया है. अब ममता दीदी को भी समझ आ ही गया होगा.

vinay mishra lucknow

Added: 6/19/12 3:25 AM GMT

सोनिया गांधी का कद प्रणब मुखर्जी को यूपीए का उम्मीदवार बनाने के बाद बढ़ा ही है.

SANJAY SINGH DEHRADUN

Added: 6/19/12 1:53 AM GMT

कद घटने और बढ़ने की बात ही नहीं है. सबको पता है कि सोनिया गांधी बहुत ही सुलझी हुई नेता हैं और ममता अड़ियल स्वभाव वाली नेता हैं. वैसे होगा वही जो सोनिया गांधी चाहती हैं.

ziaaul haque siddique sasuli , muzaffar pur

Added: 6/18/12 3:43 PM GMT

सोनिया जी शक्तिशाली हैं. वो केवल बुद्धिमान ही नहीं भारतीय राजनीति की मर्मज्ञ भी हैं. उनके खिलाफ कोई खेल कामयाब नहीं हो सकता. चाहे वो ममता या मुलायम ही क्यों न हों.

sanjiv sharma Raniganj Araria Bihar

Added: 6/18/12 1:05 PM GMT

सोनिया का क़द घटा है.

Dharmendra Kumar Singh DElhi

Added: 6/18/12 10:45 AM GMT

जहां तक सोनिया गांधी के कद का सवाल है मुझे लगता है कि वो आज भी सबसे ऊपर हैं. ममता बनर्जी ने भरसक कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सकीं. सोनिया ने खांटी राजनीतिक खेल खेला है और ममता द्वारा सुझाए नाम खारिज कर उन्हें उनकी हैसियत बता दी है. सोनिया आज भी कांग्रेस की चाणक्य हैं.

Mohammad Zaahid Akhtar Lucknow

बीबीसी को जानिए

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.