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ओबामा की चुनौतियाँ
बराक ओबामा ने अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में फिर जीत हासिल कर ली है. उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार मिट रोमनी को शिकस्त दी.
लेकिन आर्थिक मोर्चा हो, राजनयिक मोर्चा हो या फिर घरेलू मोर्चा, ओबामा की चुनौती कम नहीं हुई है.
चुनाव में जीत हासिल करने के बाद अपने भाषण में ओबामा ने सबको साथ लेकर और विचार-विमर्थ करके अमरीका को प्रगति के रास्ते पर लाने की बात कही है.
ओबामा के लिए कितनी चुनौतीपूर्ण होगी उनकी दूसरी पारी? कौन की समस्या ऐसी है, जो ओबामा का सिरदर्द बढ़ा सकती है और किन मोर्चों पर ओबामा की रणनीति कामयाब हो सकती है?
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प्रकाशित:
11/8/12 1:21 AM GMT
टिप्पणियाँ
टिप्पणियों की संख्या:9
सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं
Added:
11/10/12 9:43 AM GMT
जब एक इंसान को समझने में पूरी जिंदगी गुजर जाती है, तो देश को समझना कितना मुश्किल होगा. ओबामा अपनी दूसरी पारी में हर मोर्चे पर सफल होगे, पहली पारी तो चीजों को समझने में ही गुजर गई, इसलिए तो अमेरिकनों ने दूसरी पारी के लिए उन पर भरोसा जताया है. विश्वास है वह उस भरोसे पर खरे उतरेंगे.
Harish Bhatt Rishikesh
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11/10/12 8:56 AM GMT
ओबामा के दूसरे कार्यकाल मे सबसे बडी चुनौती अमरिका की अर्थव्यस्था को मजबुत करना होगा. चीन के वर्चस्व को रोकना भी चुनौती होगा. साथ मे करोडो अमरिकियो की उम्मीदो का बोझ भी उनके कंधों पर होगा और सीरिया मामले पर उनका रुख देखने लायक होगा.
jayantilal sirohi
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11/10/12 8:31 AM GMT
ओबामा के सामने अब पहले कार्यकाल के अपेक्षा लोगों की उम्मीदें और अधिक बदल गई है. उन्हें सभी को साथ लेकर चलना होगा विशेषकर रिपब्लिकन को. उन्गें देश की आर्थिक ताकत और बेरोजगारी को खत्म करना होगा. सैंडी तूफान से हुए लोगों के नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें कदम उठाने होंगे. आतंकवाद का खतरा अमरीका पर कम हुआ है पर पूरी तरह से कोई भी देश सुरक्षित नहीं है. वर्ष 2016 में होने वाले चुनाव के लिए लगातार प्रयास अभी से जारी करने होंगे ताकि एक और इतिहास रचा जा सके.
shiv kumar bishnoi Bilochawala, Pilibanga भारत
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11/10/12 5:22 AM GMT
सर्वप्रथम ओबामा को जीत के लिए बधाई. ओबामा के सामने आर्थिक चुनोतियाँ पहली कदम होगी. उसके बाद पाकिस्तान भारत चीन सहित एशिया भी चुनौती होगी. पाकिस्तान मेँ ड्रोन हमले, ईरान मेँ युद्द आदि भी प्राथिमक चुनौतीयाँ होगी।
Vikram jhorar VPO-BANI DISTRICT-SIRSA(HARIYANA
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11/9/12 6:29 AM GMT
ओबामा के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका की कमज़ोर अर्थव्यवस्था को मज़बूती प्रदान करने की है. अमेरिका की सबसे गंभीर राजनयिक चुनौती ईरान है. ईरान के मामले का शांतिपूर्ण समाधान करना अमेरिका के लिए आसान काम नहीं होगा क्योंकि दोनों देश शीतयुद्घ की स्थिति में हैं. वैश्विक स्तर पर आतंकवाद की समस्या भी मुँहबाए खड़ी है जो ओबामा के लिए कम चुनौतिपूर्ण नहीं है.
अमल कुमार विश्वास बरसौनी,पूर्णिया(बिहार)
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11/8/12 6:14 PM GMT
ओबामा के लिए इरान सिरदर्द बना रहेगा. तालिबान से निपटना अमरीका के लिए हमेशा चुनौती बना रहेगा.
अमरितेश ओझा निमेज, बक्सर, बिहार
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11/8/12 10:31 AM GMT
ओबामा के दूसरे कार्यकाल की समाप्ति तक चीन दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जायेगी.ओबामा बेरोजगारी, वित्तीय घाटा,विकास दर से लड़ते-लड़ते विदा हो जायेंगें.अफ़गानिस्तान अपने फटे हाल पर रो रहा होगा और अमेरिका को गाली दे रहा होगा.ईरान अमेरिका की परवाह न करते हुए अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा.इज़रायल भी खुला साँड़ होगा.अमेरिका अब पतन की तरफ है,सभी क्षेत्रों मे उसकी पकड़ ढीली होगी,लेकिन दोष शासक पर ही मड़ा जायेगा.वैसे भी ओबामा बातों मे निपुण और काम मे ढीले है.
लक्ष्मी कान्त मणि साँड़ी कलां, सिद्धार्थनगर, यूपी, भारत
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11/8/12 3:14 AM GMT
अमरीका में कोई भी राष्ट्रपति बने उसके लिए भारत महत्वपूर्ण है लेकिन चीन-पाकिस्तान के प्रति अपेक्षाकृत उदार नीति, आउटसोर्सिंग के मुद्दे को लेकर मैं रिपब्लिकन रोमनी का समर्थक था. ओबामा के सामने पाकिस्तान और चीन चुनौती बने ही रहेंगे. भारत-ईरान-अमरीका के रिश्तों पर कमोबेश दोनों में असमंजस है. पर्यावरण के मुद्दे पर अमरीकी स्वभाव के अनुरुप प्रगति की उम्मीद बेमानी है. पूँजीवाद से असंतुलित विकास के कारण उपजे आक्यूपाई वाल स्ट्रीट जैसे विरोध का उचित समाधान भी एक चुनौती है.
अमित भारतीय जालौन (उo प्रo) भारत
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11/8/12 3:03 AM GMT
ओबामा के सामने दो बड़ी चुनौतियाँ हैं. एक तो दुनिया में शांति क़ायम रखना और दूसरा अमरीका की आर्थिक स्थिति में सुधार करना.
Omprakash Godara Nakodesar Bikaner
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