इस बहस को सहेज कर रख लिया गया है – जवाब देने की अनुमति नहीं है
क्या मीडिया सोचेगी?
बीबीसी के महानिदेशक जार्ज एंटविसल ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने न्यूज़नाइट कार्यक्रम में बाल यौन शोषण के बारे में त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट के प्रसारण की नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपना पद छोड़ दिया है. उनका कहना है कि बीबीसी का महानिदेशक संस्था का सर्वोच्च संपादक भी होता है इसलिए किसी भी ग़लत या त्रुटिपूर्ण ख़बर को दिखाए जाने या उसके प्रकाशन की जिम्मेदारी अंतत: उसी की होती है. लेकिन सवाल उठता है कि जिस तरह से जार्ज एंटविसल ने एक कार्यक्रम में हुई त्रुटि की जिम्मेदारी कबूल करते हुए अपना इस्तीफ़ा दिया है वैसी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी आमतौर पर भारतीय मीडिया में क्यों नज़र नहीं आती? इस विषय पर लिखिए अपनी राय
प्रकाशित:
11/11/12 6:21 PM GMT
टिप्पणियाँ
टिप्पणियों की संख्या:14
सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं
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11/15/12 4:28 AM GMT
भारतीय मीडिया को इससे सबक लेनी चाहिय. पर यहाँ तो राजनितिक हस्तक्षेप से पत्रकारों के तबादले कर दिए जाते हैं. संपादकों को हटा दिया जाता है. संवादताओ की नौकरी अनुबंध पर होती है. पत्रकारों को विज्ञापन दाता के हितों का ख्याल रखने की सलाह दी जाती है. विज्ञापन प्रबंधक संवाददाताओं को नसीहत देते हैं.
pramodkumar muzaffrpur
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11/14/12 7:12 PM GMT
बीबीसी के महानिदेशक जार्ज एंटविसल ने इस्तीफा देकर निश्चित तौर पर एक मिसाल कायम की है. रही बात ऐसी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी आमतौर पर भारतीय मीडिया में इसलिए नजर नहीं आती क्योंकि भारतीय मीडिया चाहे वो प्रिंट हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, पार्टी लाइन पर विभाजित है. पत्रकारिता छोड़कर वो चाटुकारिता ज्यादा करते हैं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में तो पत्रकार ही चैनल में शेयर होल्डर बना बैठा है, ऐसे में भारतीय मीडिया से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की अपेक्षा करना बेकार है.
Rajat Abhinav Bhopal
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11/14/12 6:41 AM GMT
यहाँ भारत में ये उम्मीद करना बेनामी है क्योंकि भारत में मीडिया राजनीतिक पार्टियों और कॉर्पोरेट के लिए है.
Anuj Delhi
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11/14/12 4:22 AM GMT
ये भारत का मीडिया... यहाँ चलता है सिर्फ यलो जर्नलिज्म..
janak sutariya amdabad
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11/13/12 2:53 PM GMT
ब्रिटेन में नैतिकता है. भारत में कुछ ही जिम्मेदार व्यक्ति हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है. अभी कहा जाता है कि एक व्यक्ति इमानदार है क्योंकि उसे भ्रष्ट होने का मौका नहीं मिला. हम इस मामले में ब्रिटेन और भारत की तुलना नहीं कर सकते.
Anwar Ali Aligarh
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11/13/12 10:01 AM GMT
बीबीसी अपने संपादकीय मूल्यों के साथ कभी किसी प्रकार का समझौता नहीं करती है, लेकिन भारतीय मीडिया कॉरपोरेट घरानों, पूँजीपतियों एवं राजनीतिक दलों का वर्चस्व होने की बदौलत भ्रष्ट एवं ग़ैरज़िम्मेदार है. आज किसी भारतीय समाचार पत्र का विचार उसके संपादक का नहीं, बल्कि उस समाचार पत्र के मालिक का होता है. बहरहाल, झूठ और ग़लत लिखने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए तभी भारतीय मीडिया में सुधार संभव है.
अमल कुमार विश्वास बरसौनी,पूर्णिया(बिहार)
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11/13/12 8:18 AM GMT
जो मीडिया अच्छी खबर के पीछे कम और सरकारी विज्ञापनों के पीछे ज्यादा भागे, उससे आप बीबीसी जैसे आचरण की आशा कैसे कर सकते हैं. माफी मांगना या इस्तीफा देना तो दूर, भारतीय मीडिया तो अपनी बात पर अडिग हो जाता है कि उसने जो कहा वो सही है.
Abhishek Singh Sydney ऑस्ट्रेलिया
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11/13/12 6:21 AM GMT
ब्रिटेन में नैतिकता है, लेकिन हमारे देश में नैतिकता का स्तर हर क्षेत्र में गिरता जा रहा है. कई समस्याओं के लिए मीडिया भी जिम्मेदार है. हर कोई अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहा है. आज के तारीख में एक व्यक्ति इमानदार है क्योंकि उसे भ्रष्ट होने का मौका नहीं मिला.
Anwar Ali Aligarh
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11/13/12 4:38 AM GMT
भारतीय मीडिया के पास वक्त कहाँ है अपने गिरेबान में झाँकने का? इस खबर को जोर-शोर से छापेंगे और तारीफ भी करेंगे लेकिन ऐसी कोई घटना क्या इससे कई गुनी घटना होने पर भी किसी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. महानिदेशक तो छोड़िए, टीवी एंकर भी नहीं बदलेंगे और ये भ्रष्टता में डूबे लोग अखबारों में कॉलम छापकर हमको लाइफस्टाइल सिखाते रहेंगे. असल में इन पर असर इसलिए भी नहीं पड़ता क्योंकि आसपास में इनसे भी ज्यादा गंदी कमीज पहने लोग रहते हैं तो इनकी कमीज तो अपेक्षाकृत साफ है तो वे इस सफाई का घमंड करते भी नहीं थकते.
स्वप्नेश चौहान नई दिल्ली भारत
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11/12/12 1:29 PM GMT
भारतीय मीडिया का मैनेजेमेंट त्रुटियों के लिए जिम्मेदार नहीं है. वो सिर्फ अपने फायदों को देखते हैं, कि कैसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने ओर खींचा जाए.
arvind kumar begusarai
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11/12/12 11:11 AM GMT
जार्ज एंटविसल ने त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट के प्रसारण की नैतिक ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपना पद छोड़ दिया है जबकि भारतीय मीडिया ही त्रुटिपूर्ण है. इन लोगों से ऐसी उम्मीद ही नहीं की जा सकती. ये तो अफवाह को भी खबर बना देते हैं. किसी को गिरा देते हैं तो किसी को उठा देते है. भारतीय मीडिया पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है.
Mohammad Athar khan Faizabad Uttar Pradesh भारत
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11/12/12 11:00 AM GMT
भारतीय मीडिया कभी निष्पक्ष रही नही. यहाँ खबरों को सनसनी बनाकर बेचा जाता है. खबरे दिखाने और न दिखाने के पैसे दिये जाते है. मीडिया के क्षेत्र मे बीबीसी जिम्मेदार दिखती है. अगर गलती हो गई तो वहाँ लोग स्वीकार करते है और मीडिया को गरिमामय बनाते है. भारतीय मीडिया को मैने आजतक गलती कबूल करते नही देखा. सरकारी चैनल सरकार के गुणगान मे लगा रहता है और प्राइवेट तो बिना पड़ताल किये कीचड़ उछालने मे लग जाते है.
लक्ष्मी कान्त मणि साँड़ी कलां, सिद्धार्थनगर, यूपी, भारत
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11/12/12 7:02 AM GMT
भारतीय समाज ब्रिटिश समाज से एकदम भिन्न है. अगर अंतर न होता तो उनका इस देश पर शासन कैसे होता! संख्या में कम होते हुए भी उन्होंने कई क्षेत्रों पर आधिपत्य जमाया था. भारत ने तो ऐसा नहीं किया? उल्टे राज स्थापित करने में मदद ही की. वहां के लोगों की सोच सर्वथा भिन्न रही है. इस देश में तो राजनेता गाली-गलौज की भाषा बोलने में गर्व अनुभव करते हैं और उनके शीर्षस्थ नेता उनका पक्ष लेते हैं. वस्तुतः ऐसी सोच ही इस समाज की रही है. समाचार माध्यम से जुड़े लोग कहीं बाहर तो टपके नहीं हैं. उनसे भी क्य़ों उम्मीद करें?
योगेन्द्र जोशी वाराणसी भारत
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11/11/12 9:16 PM GMT
मे जॉर्ज एन्टविसल को सलाम करता हू उनके इस फैसले पर. जहां तक भारत के मीडिया की बात है सच्चाई यह कि क्या भारत मे विश्वसनीय मीडिया है? भारतीय मीडिया, भारतीय बेइमान नेताओ की तरह है जो हर इल्जाम पर गिरगिट की तरह रंग बदल लेते है. यही कारण है कि हर खबर के विश्वास के लिए करोड़ो लोग बीबीसी को सुनते है. अगर यह हादसा भारत मे होता तो जॉर्ज एन्टविसल को पद गवाने की नौबत ही नही आती. भारतीय मीडिया ओर नेताओ पर लिखना अपना समय बरबाद करना है क्योंकि दोनो का ही धर्म ईमान नही है.
SHABBIR KHANNA RIYADH ( SAUDIA ARABIA )
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