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11/21/12 4:48 AM GMT
बीबीसी को यह नैतिक हक भी नही है इस मुददे पर श्रोताओ के विचार मागने के क्योंकि डर के कारण बीबीसी ने शनिवार को अपने नियमित प्रोगाम की जगह पूरा समय मरहूम बाल ठाकरे पर दिया गया. साथ ही रविवार को जब उनका अंतिम संस्कार था तो बीबीसी ने शाहरूख खान का साक्षात्कार प्रसारित किया क्योंकि मरहूम ठाकरे व शाहरूख एक दुसरे के दुशमन यह बीबीसी ने ही बताया. क्यों यह मुददा बीबीसी उठाकर आग मे घी डालने का काम कर रही है. किसी बहिन या भाई को मुसीबत मे डालना चाहती है. किस देश के लिखने या कहने की आजादी की बात करती है बीबीसी.
SHABBIR KHANNA RIYADH ( SAUDIA ARABIA )