मुंबई टेस्ट में भारत की शर्मनाक हार से वैसे तो सभी भारतीय बल्लेबाज़ों की कलई खुल गई लेकिन जिस बल्लेबाज़ पर सबसे ज़्यादा निशाना साधा जा रहा है वो हैं सचिन तेंदुलकर.
तेंदुलकर दोनों पारियों में असफल रहे. पिछली 10 पारियों में उनका औसत महज़ 15 रन है.
यहां तक कि सुनील गावस्कर ने भी कह दिया की सचिन से चयनकर्ताओं को बात करनी चाहिए.
वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया में फॉर्मी से जूझ रहे रिकी पोंटिग ने कह दिया कि वो अपमे मौजूदा फॉर्म में तो अगला ऐशेज़ नहीं खेल सकते.
लेकिन सचिन तेंदुलकर की तरफ से कोई आवाज क्यों नहीं आ रही?
क्या वो टीम में अपनी जगह को लेकर आत्मसंतुष्ट हैं?
या फिर उन्हें संन्यास के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए.
आप क्या सोचते हैं? दीजिए अपनी राय.