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नेताओं ने डुबोई भारतीय ओलंपिक की लुटिया?

भारतीय ओलंपिक संघ को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से इस आधार पर निलंबित कर दिया गया है कि इसके कामकाज में सरकार की काफी दखलंदाजी है. ओलंपिक समिति की स्वतंत्रता को बरक़रार रखने के लिए ज़रूरी है कि ये संस्था राजनीतिज्ञों के दखल से ऊपर रहे.

लेकिन हिंदुस्तान में ज़्यादातर खेल संस्थाओं पर राजनीतिज्ञों का क़ब्ज़ा है. क्रिकेट पर शरद पवार और राजीव शुक्ला का दबदबा है तो तीरंदाज़ी पर पिछले चालीस साल से भारतीय जनता पार्टी के विजय कुमार मल्होत्रा का...

तो क्या भारतीय ओलंपिक की दुर्दशा के लिए राजनेताओं की कोई ज़िम्मेदारी नहीं बनती? अपनी राय हमें लिख भेजें

प्रकाशित: 12/5/12 6:50 AM GMT

टिप्पणियाँ

टिप्पणियों की संख्या:13

सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं

Added: 12/8/12 7:04 AM GMT

हर क्षेत्र के अपने कुछ विशेषज्ञ होते हैं लेकिन हमारे राजनेताओं को लगता है कि सब जगह उनको ही होना चाहिए. उन्होंने न केवल खेल को बल्कि पूरे देश की लुटिआ डुबो दी है.

Manu Sharma Hisar

Added: 12/8/12 3:36 AM GMT

कहने के लिए तो भारत में जनता का जनता के द्वारा जनता के लिए शासन है पर सच यह है कि हम नेताओ को चुनकर खुदा बना देते हैं और सारी सरकार उनके इर्द गिर्द ही घूमती है. जनता बेचारी बन कर रह गई है. इस व्यवस्था को बदलने की ज़रूरत है. खेलो में भी यही दृश्य है, जिसके चलते ही यह फ़ैसला हुआ है.

vivek ranjan shrivastava jabalpur भारत

Added: 12/7/12 7:09 PM GMT

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक काउंसिल ने ये बिल्कुल सही फ़ैसला किया है. राजनेताओं ने विभिन्न खेल संघों के साथ जो किया है वो मज़ाक़ बनकर रह गया है. राजनेताओं ने खेल के साथ वही किया है जो उन्होंने राजनीति के साथ किया है.

satnam singh cooch behar, west bengal

Added: 12/7/12 2:27 PM GMT

हमारे लिए अच्छी ख़बर नही है की भारतीय ओलंपिक संघ को निलंबित किया गया है. मुझे लगता है कि इसके लिए हमारे राजनेता ही ज़िम्मेदार है क्योंकि इनके लालच ने भारतीय खेल जगत को बदनाम किया है. आज क्रिकेट, फुटबाल, टेनिस तीरंदाज़ी या अन्य खेलों मे राजनेता शीर्ष पद पर बैठे हुए हैं जबकि उन्हें खेल के बारे मे कोई जानकारी नही होती है. मेरे हिसाब से इन खेलों मे चुनाव लड़ने में योग्यता निर्धारित करना होगा कि वे इन खेलो से जुड़े हुए हों.

jayantilal Aburoad sirohi (raj.)

Added: 12/6/12 1:48 PM GMT

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने सही क़दम उठाया है भारतीय ओलंपिक संघ को निलंबित करके. हम खेलों मे राजनीतिक दख़ल के कारण पीछे है. ओलंपिक खेल 2012 मे भारत का 55वाँ स्थान था. कितने शर्म की बात है कि नेताओं ने दुनियाँ के सामने हमें बेज्ज़त करके रख दिया है. हमारा देश जितने क्षेत्रों मे पीछे है, उन सभी का कारण नेताओं और सरकार का दख़ल, लूट और गंदी राजनीति है. भारत में राजनीति और नौकरशाही गाली बन चुकी है. अब सत्याग्रह के अलावा कोई विकल्प ही नही है.

लक्ष्मी कान्त मणि साँड़ी कलां, सिद्धार्थनगर, यूपी, भारत

Added: 12/6/12 12:48 PM GMT

ये नेताओं को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए क्योंकि यही असली मुजरिम हैं.

संजय कुमार शर्मा फिरोजाबाद

Added: 12/6/12 11:07 AM GMT

भारत की किस समस्या के लिए राजनेता जिम्मेदार नहीं हैं? चारों तरफ़ व्याप्त भ्रष्टाचार किसकी देन है और कौन उसका संरक्षण कर रहा है? राजनीति में अपराधियों को कौन पालपोस रहा है? लोकतंत्र की हिमायत का दिखावा करने वाली पार्टियों में मौजूद परिवारवाद दिखाता नहीं कि उनमें खुद लोकतंत्र नहीं है? पुलिस की संवेदन शून्यता और प्रशासन के निकम्मेपन का ज़िम्मेदार सत्तासीन राजनेता नहीं हैं क्या? क्या-क्या गिनाएं? ओलंपिक तो बहुत छोटी चीज़ है!!

योगेन्द्र जोशी वाराणसी भारत

Added: 12/6/12 8:03 AM GMT

खेल संघों पर राजनीति का साया ऐसा फन मार रहा है कि खेल को नाश करके रख दिया है. तभी तो 100 करोड़ की आबादी वाला देश ओलंपिक में एक-एक मेडल के लिए संघर्ष करता है और छोटे छोटे देश मेडल की लाइन लगा देते हैं. खेल के भविष्य के लिए बेहतर यही है कि उसके संघों से नेताओं को निकाल दिया जाए और उनको चलाने की ज़िम्मेदारी खिलाड़ियों को सौंप दी जाए.

wajeeh Ahmed Tasawwur Saharsa

Added: 12/6/12 6:09 AM GMT

बिल्कुल सही कहा, इसके लिए हमारे भ्रष्ट नेता ही ज़िम्मेदार हैं. मैं एक भारतीय हूं और मूझे इस पर गर्व है लेकिन इन नेताओं ने दुनिया की नज़रों में हमारी इज़्ज़त मिट्टी में मिला दी है.

Atul Kumar Chandigarh/Punjab/India

Added: 12/6/12 5:54 AM GMT

यह सारा राजनीतिक लोगों का ड्रामा है.

Somraj godara bishnoi bhakhri Osian, jodhpur(raj)

Added: 12/5/12 9:15 PM GMT

ओलंपिक की बात ही क्या भारत की लुटिया इन नेताओ ने ही डुबोई है और लगातार डुबो रहे है और आगे भी डुबोते रहेंगें. इसका ताज़ा उदाहरण आज एफ़.डी.आई का है. सच्चाई यह है कि भारतीय जनता जातिवाद, क्षेत्रवाद व बेईमान नेताओं के साथ भावुक्ता से जुड़कर जीत का सेहरा बन्धवा देती है. जिस दिन यह समझ आ जाएगी यक़ीन करें उस दिन के बाद बीबीसी को बेईमान नेताओ पर बहस करवा कर समय बर्बाद करने की नोबत ही नही आएगी. क्या बीबीसी नही जानती की ओलंपिक की लुटिया 100% नेताओ ने ही डुबोई है ठीक उसी तरह जैसे इन नेताओं ने महान भारत की लुटिया डुबाई है.

SHABBIR KHANNA RIYADH ( SAUDIA ARABIA )

Added: 12/5/12 4:09 PM GMT

इस बारे में कोई दूसरी राय हो ही नहीं सकती. राजनेताओं ने अब भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शर्मसार कर दिया है.

Bhupendra Patidar Katy

Added: 12/5/12 3:55 PM GMT

भारतीय खेल संघों को नेताओं से मुक्त कर पूर्व खिलाडियों अथवा वर्तमान खिलाडियों के ग्रुप को कमान सौंपनी चाहिए. राजनेता खेल को नहीं समझ सकते हैं इसलिए इस काम के लिए खिलाडियों का ही एक पैनल बनाना चाहिए और इसके लिए निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए.

धनंजय शर्मा गया

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