Added:
2/16/13 9:36 AM GMT
मेरे विचार से वो अपराधी जिसके लिए किसी के जीवन का कोई मोल नहीं, जो भीड़ को निशाना बनाते हों, खून से होली खेलते हों, नृशंसता जिनका मकसद हो, ऐसे व्यक्ति को तो फांसी से पहले कुछ कठोरतम दंड और दिया जाना चाहिए. दान सदा सुपात्र को देना चाहिए चाहे वह दया का हो या...वैसे भी हमारे देश में फांसी की सजा बहुत कम होती है. वर्षों तक क्रियान्वित नहीं होती. विलम्ब होना भी ढिलाई है ऐसे मामलों पर तुरंत निर्णय हो, उसको लागू किया जाय. हाँ निष्पक्ष होना चाहिए न्याय.
nishamittal muzaffarnagar (u p)