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क्या शाहरुख़ ख़ान को रोका जाना जायज़ था...?
भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में शाहरुख़ ख़ान के लाखों प्रशंसक हैं. शाहरुख़ बॉलीवुड के स्टार हैं, किंग ख़ान के नाम से लोगों में चर्चित इस सिनेसितारे को शायद अपने नाम में ख़ान शब्द लगे होने की वजह से तकलीफ़ उठानी पड़ी.
दरअसल, शाहरुख़ को भारतीय समय के मुताबिक़ शुक्रवार देर रात अमरीका के न्यू जर्सी में न्यूअर्क हवाई अड्डे पर लगभग दो घंटे तक रोका गया और अलग कमरे में ले जाकर उनसे पूछताछ की गई. वे शिकागो जा रहे थे.
शाहरुख़ ने इस घटना पर ग़ुस्से और दुख का इज़हार किया है. उन्होंने कहा कि मुसलमान होने के कारण उनके साथ इस तरह का बर्ताव किया गया.
क्या आप शाहरुख़ ख़ान के साथ हुए बर्ताव के लिए उनके मुसलमान होने के तर्क को सही मानते हैं. अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर जाँच के जो तरीके और मापदंड अपनाए जा रहे हैं, उसमें व्यक्ति की धार्मिक, जातिगत पहचान को आधार बनाना क्या जायज़ है और क्या शाहरुख़ ख़ान के इस मामले के सामने आने से बाकी लोगों को तकलीफ़ कम हो जाएगी जो आए दिन ऐसे अनुभवों से रूबरू हैं.
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प्रकाशित:
8/16/09 3:31 AM GMT
टिप्पणियाँ
टिप्पणियों की संख्या:228
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Added:
8/20/09 8:11 AM GMT
जब भारतीय राजनेताओं, मंत्रियों और पूर्व राष्ट्रपतियों को उन लोगों ने नहीं छोड़ा तो शाहरुख़ किस खेत की मूली हैं. अमरीका सुपरपावर है. वो कुछ भी कर सकता है.
suresh kumar Pathak GOLPAHARI, JAMSHEDPUR
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Added:
8/20/09 7:57 AM GMT
बिल्कुल सही था.ऐसी ही सुरक्षा प्रणाली भारत में भी होनी चाहिए ताकि आतंकवाद को रोका जा सके.
मुकेश मिश्रा कटनी
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8/20/09 7:04 AM GMT
आप अगर हीर हो तो इसका मतलब ये नहीं कि आप जनता से उपर हैं. डॉक्टर कलाम को चैकिंग से समस्या नही है तो आप क्या उनसे बड़े आदमी हैं?
abhishek ahmedabad
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Added:
8/20/09 5:53 AM GMT
यही सही तरीका है. हर कोई बराबर है. अलग-अलग लोगों के लिए अलग मापदंड नहीं.
Nandan singh Kathayat Freedom Fighters Uttarakhand
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Added:
8/20/09 5:39 AM GMT
स्टंट मार्केटिंग का एक अहम हिस्सा होता है. आम आदमी इन बातों को नहीं समझ सकता, जो लोग शिखर पर होते हैं उन लोगों को पता होता है कि कब क्या बोलना है.इस समय तो शाहरुख़ कह रहे है मैं खान हूँ इसलिए ऐसा हो रहा है किन्तु जब इस्लामी आतंकवादी अन्य सम्प्रदाय के लोगो को काफिर समझ मारते है जिहाद करते हैं तब इन लोगो की ज़बान बंद क्यों हो जाती है?
देवव्रत चौहान New Delhi
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Added:
8/20/09 3:38 AM GMT
जो हुआ अच्छा नहीं हुआ.मुझे शाहरुख़ के लिए दुख हो रहा है.
ARSHAD KHAN NEW JERSEY
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Added:
8/20/09 2:22 AM GMT
इतना शोर क्यों मचा है? आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए जो कुछ हो सकता है करना चाहिए.
Pankaj Toronto
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Added:
8/20/09 2:22 AM GMT
शाहरुख़ को रोका जाना सही था पर दो घंटों तक रोकना सही नहीं था क्योंकि वे पहले भी वहाँ जा चुके हैं.ये बात किसी को भी ख़राब लगेगी. सुरक्षा चैकिंग ज़रूरी है पर इसकी आड़ में कोई मतलब साधना सही नहीं है.
Rajat Abhinav Patna
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Added:
8/20/09 1:55 AM GMT
ये अमरीका में कोई बड़ी बात नहीं है. ये सुरक्षा के लिहाज़ से किया गया था, कई लोगों को तो पता भी नहीं कि शाहरुख़ कौन है.
Bob NYC
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Added:
8/20/09 1:36 AM GMT
सभी देशों को अपना कानून होता है. इसमें किसी की दखलअंदाज़ी नहीं चल सकती. आदमी कितना भी बड़ा हो लेकीन वह कानून से ऊपर नहीं हो सकता.
prabhudas gandhi adel
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Added:
8/19/09 8:17 PM GMT
अमरीका में शाहरुख ख़ान की तलाशी आम सुरक्षा जांच की एक प्रक्रिया थी. हरेक संप्रभु देश अपनी सुरक्षा के लिए इस तरह की जांच के लिए स्वतंत्र है. इस प्रक्रिया से केवल अतिविशिष्ट राजनेता और राजनयिक दौरे पर आए प्रतिनिधियों को ही छूट प्राप्त है. और शाहरुख खान इनमें से नही हैं. ऐसे में सुरक्षा जांच को मुद्दा बनाना एक पब्लिसिटी स्टंट नज़र आता है. शाहरुख को पहले भी इस सुरक्षा जांच से गुज़रना पड़ा होगा पर इस बार बात कुछ और नही, बल्कि उनकी आने वाली फिल्म माई नेम इज़ खांन है.सस्ती पब्लिसिटी का आसान तरीका.
शेर सिंह दिल्ली
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Added:
8/19/09 4:18 PM GMT
शाहरुख खान को रोकना एयरपोर्ट सिक्युरिटी के लिहाज़ से जायज़ था.हमारे लिए भले ही वो शाहरुख खान हो लेकिन दुनिया के लिए वो भी तो आम इन्सान है.
शेशराव चौहान पुणे
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Added:
8/19/09 3:56 PM GMT
शाहरुख़ के साथ जो हुआ वो सही है. केवल भारत में ही वीआईपी संस्कृति है जहाँ वीआईपी को हर चीज़, कायदों से दूर रखा जाता है.
sunil sharma jaipur
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Added:
8/19/09 12:06 PM GMT
हर किसी पर एक जैसी प्रक्रिया लागू होती है.
aditya ranchi
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Added:
8/19/09 9:54 AM GMT
मुझे नहीं लगता कि शाहरुख़ के साथ कुछ गलत हुआ. सुरक्षा किसी भी देश के लिए सबसे अहम मुद्दा है. अगर अमरीका केवल मुस्लिमों की ही जाँच करता है तो शाहरुख़ ठीक हैं.
Hitesh city
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