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कश्मीर सिंह की डायरी पर आपकी राय
पाकिस्तान की जेल में 35 वर्ष गुज़ाकर स्वदेश लौटे कश्मीर सिंह बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के पाठकों के साथ अपने अनुभव बाँट रहे हैं.
कश्मीर सिंह का जीवन क़ैद में साढ़े तीन दशक गुज़ारने की पीड़ा भर नहीं है, बल्कि एक अदम्य जीजिविषा की कहानी भी है.
 कश्मीर सिंह ने जेल में अपना जीवन कैसे बिताया, आख़िर कैसे उन्होंने फाँसी के तख़्ते तक पहुँचने के बाद भी अपनी रिहाई की उम्मीद नहीं छोड़ी, उन्हें इतना सब कुछ सहने की ताक़त कहाँ से मिली?
जेल के जीवन में उनके खान-पान, रहन-सहन, लोगों के व्यवहार, धर्म परिवर्तन से लेकर उनके मन में उठने वाले भावों तक को समेटने की एक कोशिश की है बीबीसी हिंदी डॉट कॉम ने.
कश्मीर सिंह की डायरी आपको कैसी लग रही है? क्या आप कश्मीर सिंह को कोई संदेश देना चाहते हैं?
(अपने विचार साथ में दिए गए वर्चुअल कीबोर्ड की मदद से हिंदी में टाइप करके भेजें.)
प्रकाशित:
4/8/08 5:29 PM GMT
टिप्पणियाँ
टिप्पणियों की संख्या:82
सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं
Added:
8/6/08 10:40 AM GMT
कश्मीर सिंह की ख़ास बात यह है कि उनमें आत्मविश्वास है. हमें किसी भी परिस्थिति में हौसला नहीं खोना चाहिए और यह हमें कश्मीर सिंह से सीखना चाहिए.
dharmendra Singh Rajput Bhopal
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6/24/08 9:39 AM GMT
कश्मीर सिंह की रिहाई उन सभी मानवता विरोधी तत्वों के मुंह पर एक ज़ोरदार तमाचा है जिन्होंने निजी राजनीतिक स्वार्थों के चलते जुदा धर्मों के नाम पर हिन्दुस्तान के टुकड़े करवाए और आज भी दोनों देशों की परस्पर शत्रुता पर अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंक रहे हैं. धन्य हैं बर्नी साहब जैसे लोग, जो मानवता की मिसाल बनकर सामने आ रहे हैं. हम तो यही चाहेंगे कि दोनों मुल्क़ साथ मिलकर ग़रीबी जैसी मूल समस्या से निबटें और दोनों मुल्कों की जनता को ग़रीबी के नर्क से निकालें.
प्रकाश शर्मा दिल्ली
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6/7/08 7:02 AM GMT
पाकिस्तान के जेल से रिहा होकर कश्मीर सिंह भारत आये हैं. यह बेहद खुशी की बात है, भारत और पाकिस्तान की जेलों में बन्द हैं. दोनों मुल्कों को मानवता के आधार पर ऐसे कैदियों को छोड़ने पर विचार करना चाहिए, जो बिना किसी गलती के एक दूसरे की जेलों में बन्द हैं. यह विचार शयद दोनों मुल्कों के अवाम का भी हो.
Sanjay Pareek Pilani भारत
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5/31/08 11:38 AM GMT
कश्मीर सिंह ने जो भी पाकिस्तान में झेला वो तकलीफ भरा तो है लेकिन हमारी सरकार ने जो उनसे वादा किया है... वो वादा अगर नहीं पूरा होता है... तो कश्मीर सिंह के लिए भारत और पाकिस्तान में कोई खास अंतर नहीं रह जाएगा... मुझे आपके अगले लेख का इंतजार रहेगा.
tulika singh noida
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5/27/08 5:55 PM GMT
कश्मीर सिंह को मेरी तरफ़ से मुबारकबाद.
syyed saliuddin nagpur
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5/24/08 9:15 AM GMT
यह ठीक है बीबीसी ने कश्मीरसिंह की पीड़ा को बख़ूबी पेश किया लेकिन वह कमज़ोर पात्र बन कर ही उभरा है. वह अपराधी था. बर्नी असली होरी हैं.
subhash sharma jaipur
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5/19/08 6:22 PM GMT
पाकिस्तान से कश्मीर सिंह रिहा हो गया है पर भारत से सिर्फ लाशें ही आतीं हैं. भारत को बदलना होगा.
आमिर पिंडी
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5/11/08 10:37 AM GMT
कश्मीर सिंह की रिहाई से भारत को भी सबक सीखना चाहिए और पाकिस्तान के नागरिकों को भी रिहा करना चाहिए.
santokh singh nankana sahib
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Added:
5/8/08 7:57 AM GMT
बीबीसी को बहुत-बहुत ध्न्यवाद. कश्मीर सिंह को सलाम, जिन्होंने ज़िंदगी का एक लंबा अरसा जेल में बिता दिया. उनके ज़ख्मों को भरना आसान नहीं है.
pawan kamboj delhi भारत
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5/2/08 11:31 AM GMT
कश्मीर सिंह का पूरा जीवन दुख और दर्द से भरा हुआ है. उनके घाव कभी नहीं भर सकते हैं.
surendra kumar pilani
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5/2/08 11:28 AM GMT
पाकिस्तान के जेल से रिहा होकर कश्मीर सिंह भारत आये हैं. यह बेहद खुशी की बात है, लेकिन पता नहीं कितने और कश्मीर सिंह भारत और पाकिस्तान की जेलों में बन्द हैं. दोनों मुल्कों को मानवता के आधार के पर ऐसे कैदियों को छोड़ने पर विचार करना चाहिए, जो बिना किसी गलती के एक दूसरे की जेलों में बन्द हैं. यह विचार सायद दोनों मुल्कों के अवाम का भी हो.
umesh jha delhi भारत
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5/1/08 2:05 PM GMT
कश्मीर सिंह की रिहाई से मैं काफ़ी ख़ुश हूँ. हम भारतीयों को अंसार बर्नी का शुक्रिया अदा करना चाहिए. अगर वे कोशिश करें, तो सरबजीत सिंह भी रिहा हो सकते हैं.
shalender saharan shri GAnganager
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5/1/08 5:02 AM GMT
मैं बीबीसी को धन्यवाद देता हूँ. जब भी मैं कश्मीर सिंह की डायरी पढ़ता हूँ तो आँखों में आँसू आ जाते हैं. कश्मीर सिंह जी ने पाकिस्तान में हिम्मत और धैर्य से दिन बिताए.
pawan delhi/haryana
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5/1/08 4:04 AM GMT
मैं कश्मीर सिंह, उनके परिवार और ख़ासतौर पर उनकी पत्नी को बधाई देना चाहूँगा. हम सभी जानते हैं कि उन्हें कितनी समस्याओं से गुज़रना पड़ा. बीबीसी ने उनकी कहानी जनता तक पहुँचा बहुत अच्छा काम किया है.
sulesh kheti vancouver canada.
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4/30/08 7:37 PM GMT
सच्ची कहानी सामने लाने के लिए बीबीसी को धन्यवाद. लेकिन मैं ये नहीं समझ पा रहा हूँ कि कश्मीर सिंह पाकिस्तानी जेलों की सच्चाई को क्यों छिपा रहे हैं. वे ये भी छिपा रहे हैं कि वे सीमापार क्यों गए थे. मुझे ख़ुशी होगी कि वे अपनी सच्चाई बताएँगे. फिर भी बीबीसी का शुक्रिया.
jitender kumar london ब्रिटेन
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