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1/4/08 11:48 AM GMT
निश्चिततौर पर नैतिकता का पतन तो हो ही रहा है, लेकिन ऐसे सवेंदनशील मौके पर सबसे ज्यादा डराने वाली बात है, मुंबई पुलिस कमिश्नर डी एन जाधव का वो बयान जिसमें वो ये कहते हैं कि ऐसी घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं। ज़ाहिर है कानून ने हाथ खड़े कर दिये हैं क्योंकि लोगों में कानून का डर और सम्मान खत्म हो गया है और इसकी वजह भी सिस्टम चलाने वाले लोग ही हैं क्योंकि सब जानते है रसूख और पैसों के बूते कुछ भी हो सकता है। पूरे व्यव्यस्था का नये सिरे से ऑपरेशन करने की ज़रूरत है।
SHRIDHAR SHAHDOL (M.P.)