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क्या आज भारत को भगत सिंह की ज़रूरत है?

भारत की आज़ादी में क्रांतिकारी धारा के एक प्रमुख नायक रहे भगत सिंह को उनकी जन्म शताब्दी (28 सितंबर, 1907-2007) पर याद किया जा रहा है.

ऐसे में कई सवाल उठते हैं. मसलन, क्या भगत सिंह का आज़ादी के लिए आंदोलन का तरीका सही था और क्या इस तरह के क्रांतिकारी और विचारशील युवा की आज भारत को ज़रूरत है.

क्या भगत सिंह के बारे में भारतीय जनमानस को पर्याप्त बताया, समझाया गया है और कितनी सही है भगत सिंह के नाम पर राजनीतिक विचारधारा की लड़ाई, भगत सिंह पर उनकी दावेदारी.

इन सवालों पर अपनी राय से हमें अवश्य अवगत कराएं.

प्रकाशित: 9/27/07 7:43 AM GMT

टिप्पणियाँ

टिप्पणियों की संख्या:134

सभी टिप्पणियाँ जैसे जैसे वो आती रहती हैं

Added: 10/1/07 9:15 AM GMT

इंकलाब जिंदाबाद

आशुतोष मिश्र इलाहाबाद

Added: 10/1/07 6:51 AM GMT

भगत सिंह वो नाम है जिन्हें भारत की आजादी से जोड़ कर देखा जाता है.उन्होंने भारत की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी. ये जज्बा आज के नौजवानों में होना बेहद जरुरी है.ये जरुरी नहीं कि सिर्फ हिंसक होकर ही देश भक्ति दिखाई जा सकती है.सच्चे दिल से अपने देश के लिए कुछ भी करना ऐसे देश भक्तों को श्रद्धांजली देने जैसा ही है.आज बहुत कम ऐसे युवा है जो वाकई भगत सिंह की देशभक्ति को जानते है.ऐसे में ये जरुरी है कि हमारी आने वाली पीड़िया देश भक्तों की कुर्बानियों को जाने, उन्हें याद करे और उन पर अमल करे

रेनु जोशी दिल्ली

Added: 10/1/07 5:21 AM GMT

गांधी ने अंग्रेंजों को उन्हीं की नीति से मारा था और वे चाहते थे कि पूरा देश यही नीति अपनाए. परंतु भगत सिंह जैसे जज़्बाती लोग जो जल्दी आज़ादी चाह्ते थे वह गांधी जी से कट गए. इस बात का दुख गांधीजी को भी था. आखिर हम यह क्यों भूलते हैं कि आज़ादी तो गांधीजी की नीतियों से ही मिली न की बम गिराने से.

najmu Aloti Kuwait इराक़

Added: 10/1/07 5:20 AM GMT

वह अंग्रेजों को ऐसी मार मारना चाहते थे जिससे उनकी अर्थव्यवस्था चौपट हो जाए. अंग्रेज बाल नोचने लगें और कुछ न कर पाएँ इसीलिए गांधी को जनआधार की ज़रूरत थी. असहयोग आंदोलन इसकी मिसाल है. जिसने भारत तो भारत इंग्लैंड तक की अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया. सुभाषचंद्र बोस कितने लोगों को हथियार पकड़ा सके 10-20 हज़ार. परंतु गांधी ने देश के बच्चे-बच्चे को अहिंसा का हथियार पकड़ा दिया, जिसकी काट अंग्रेंजों के पास नहीं थी.

najmu Aloti Kuwait इराक़

Added: 10/1/07 5:18 AM GMT

इस बात मे कोइ शक नहीं की भगत सिंघ एक देश्भक्त क्रांतिकारी थे परंतु उनकी तारीफ के लिये ये कतै ज़रुरी नहीं के हम गांधी जेसे महान आत्मा का ग्राफ निचा करे गांधी गांधी थे वोह एक एसा ठंडा तुफान थे जिस ने ब्रिटिश की जडे हिला दि थी गांधीजी ने जब आज़ादी का आंदोलन छेडा था उस वक्त भगत सिंघ पैदा भी नहीं हुए थे परंतु येह ध्यान रखने वली बात हे की जब भगत सिंघ ने आज़ादी की लडाइ चालु कि थी तब गांधीजी एक बहुत बडा जन आधार और लोकप्रियता बना चुके थे जो की मामुली बात नहीं थी नाही उस वक्त आज जेसा शक्तीशाली मिडिया था

najmu Aloti Kuwait इराक़

Added: 10/1/07 5:11 AM GMT

इस बात मे कोई शक नहीं की भगत सिंह एक देशभक्त क्रांतिकारी थे परंतु उनकी तारीफ के लिए ये कतई ज़रूरी नहीं के हम गाँधी जैसी महान आत्मा का ग्राफ़ नीचा करें. गांधी गांधी थे. वो ऐसा ठंडा तूफान थे जिसने ब्रिटिश शासन की जड़ें हिला दी थी. जब भगत सिंह ने आज़ादी की लड़ाई शुरू की थी तब गांधीजी की लोकप्रियता बहुत बढ़ चुकी थी.

Najmu Kuwait

Added: 10/1/07 2:15 AM GMT

भारत अब आज़ाद है. भगत सिंह व्यवस्था में ऐसा बदलाव चाहते थे जहाँ आम आदमी की आवाज़ सुनी जा सके. अब हमारे पास व्यवस्था है, बस ज़रूरत इसमें सुधार लाने और इसे असरदार बनाने की है. भगत सिंह के सपने को साकार करने और आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था ज़रूरी है.

vikram verma usa

Added: 9/30/07 3:31 PM GMT

अगर आज के दौर में हमने उनकी कही बातों पर गौर नहीं किया तो शायद हम और तबाही की ओर बढ़ जाएँगे.

आरीफ मुंब्रा

Added: 9/30/07 8:08 AM GMT

भगत सिंह एक नाम नहीं बल्कि आज़ादी का एक तूफ़ान थे. वो अगर 10-20 साल और रह जाते तो देश का नक्शा बदल जाता.

HARPREET SINGH PATIALA PUNJAB

Added: 9/30/07 7:39 AM GMT

मैंन मानता हूँ कि हर युवा भगत सिंह है. बस बात इतनी है कि ऐसा महसूस करने में उसे कितना समय लगता है.

randy

Added: 9/30/07 6:49 AM GMT

आज हमारे देश को भगत सिंह की बहुत ज़रूरत है क्योंकि राजनीति बहुत हावी हो गई है. कोई पार्टी देश के बारे में नहीं सोचती.

madan sharma gandhidham

Added: 9/30/07 4:57 AM GMT

भगत सिंह ने अपना जीवन इस देश के लिए कुर्बान कर दिया लेकिन उन्होंने इस देश के लिए जो सपने देखे थे वो पूरे नहीं हो पाए.

Gagan

Added: 9/30/07 2:47 AM GMT

बीबीसी के हम सदैव ऋणी रहेंगे. जो बीबीसी ने किया है वह किसी ने नहीं किया. भगतसिंह के बारे में बीबीसी पर जितने भी लेख उपलब्ध हैं उसे दस-दस बार मै पढ चुका हूँ. बहुत से दुर्लभ चित्र, दस्तावेज़ देखने को मिले मैं तो खुद को बहुत खुशनसीब समझ रहा हूँ. आजतक भगतसिंह की असलियत हमसें क्यूँ छिपाई गई इसका ब्रह्मज्ञान गुरू बीबीसी के माध्यम से हुआ है. अब भगत सिंह को समझने के लिए किसी विचारक, शिक्षक, संपादक या राजनेता की आवश्यकता नहीं रही. यह काम बीबीसी ने बहुत खूब कर दिया है.

के. महेशकुमार महाराष्ट्र, भारत

Added: 9/30/07 12:19 AM GMT

शेर योद्धा थे भगत सिंह. जो कुछ उन्होंने आज़ादी की लड़ाई के लिए किया वो शेर दिल इंसान ही कर सकता है. उनका रास्ता कैसे ग़लत हो सकता है. काश कोई माँ फिर से भगत सिंह पैदा करे ताकि शहीदों की आत्मा दुखी न रहे.

Clair

Added: 9/29/07 11:59 PM GMT

भारत को क्या आज पूरी दुनिया को भगत सिंह की ज़रूरत है.

अशोक पुरी डडली य़ु के

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